लीवर सिरोसिस के लक्षण क्या है?HealthPlanet

Posted on Fri 2nd Dec 2022 : 13:51

लीवर सिरोसिस क्या है?

अक्सर कहा जाता है कि इन्सान गलतियों का पुतला होता है, लेकिन शायद अब इस कहावत में बदलाव करने का समय आ चूका है। क्योंकि अब इन्सान गलतियों के साथ-साथ बीमारियों का भी पुतला बन चूका है। वर्तमान समय में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जो कि पुर्णतः स्वस्थ होगा। एक व्यक्ति को सामान्य से लेकर अति गंभीर तक कई रोग अपनी चपेट में ले सकते हैं, जिनमें तो कुछ ऐसे भी रोग हैं जिनकी वजह से व्यक्ति को जान का खतरा भी बना रहता है। एक ऐसा ही जानलेवा रोग है जिसे हम सभी लीवर सिरोसिस के नाम से जानते हैं। लीवर सिरोसिस एक ऐसा रोग है जिसकी वजह से रोगी को जान से भी हाथ धोना पड़ सकता है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि आखिर इस रोग के होने के कारण क्या है और यह इतना खतरनाक कैसे हैं। तो चलिए Medtalks पर लिखे इस लेख के जरिये लीवर सिरोसिस के बारे में विस्तार से जानते हैं, लेकिन उससे पहले लीवर के बारे में संक्षिप्त में जानते हैं।
लीवर सिरोसिस क्या है?

सरल शब्दों में कहा जाए तो लीवर सिरोसिस लीवर से जुड़ी एक क्रोनिक डिजीज है क्योंकि इसे होने में काफी लंबा समय लगता है और इसकी शुरुआत लीवर में फैट जमा होने से होती है। जब लीवर में फैट यानि वसा जमा होने लगता है तो उसकी वजह से लीवर डैमेज होना शुरू हो जाता है। फैट की वजह से लीवर को हुए इस डैमेज को फैटी लीवर के नाम जाना है। इस स्थिति में लीवर सामान्य की तुलना म कड़ा हो जाता है और यह स्थिति चलती रहती है।

एक बार जब किसी व्यक्ति को फैटी लीवर की समस्या हो जाती है तो उसके बाद उसकी लीवर सिरोसिस की यात्रा शुरू हो जाती है, जिसमे तक़रीबन 10 वर्षों का समय लग सकता है। इस दौरान अगर लीवर में कोई चोट लग जाए या सूजन आ जाए तो इसकी वजह से लिवर फाइब्रोसिस (liver fibrosis) की समस्या हो जाती है । लिवर फाइब्रोसिस, फैटी लिवर का अगला स्‍टेज होता है।

लिवर फाइब्रोसिस होने के बाद लीवर के टिश्यू लीवर में हुई खामी को ठीक करना शुरू कर देते हैं। इस दौरान लीवर में निशान ऊतक या स्कार ऊतक (Scar tissue/ ऊतकों पर खरोंच जैसे निशान) बनते हैं। धीरे-धीरे यह स्कार ऊतक स्वस्थ ऊतकों को खराब करना या बदलना शुरू कर देते हैं और आंशिक रूप (partially) से लीवर में खून के बहाव को रोक देते हैं। जब लीवर में ऐसा होता है इसकी वजह से लीवर की स्वस्थ कोशिकाएं मरना शुरू हो जाती है, जिसकी वजह से लीवर के काम में कमी आने लग जाती है। इस दौरान निशान ऊतक अपना काम जारी रखते हैं।

जब ऐसा लंबे समय तक चलता रहता है तो इसकी वजह से लीवर खराब हो जाता है जिसे लीवर डैमेज या लीवर सिरोसिस के नाम से जाना जाता है। फाइब्रोसिस लिवर डैमेज की पहली स्टेज है, क्योंकि यहाँ से लीवर खराब होना शुरू हो जाता है। अगर समय पर फैटी लीवर या फाइब्रोसिस लिवर से छुटकारा पा लिया जाए तो लीवर खराब नहीं होता। अगर ऐसा नहीं किया जाए तो इसकी वजह से रोगी को न केवल गई गंभीर स्थितियों का सामना करना पड़ता है बल्कि लिवर ट्रांसप्लांट (Liver Transplant) भी करवाना पड़ सकता है। इसके अलावा इस गंभीर रोग की वजह से रोगी की जान भी जा सकती है।
लीवर सिरोसिस के लक्षण क्या है?

लीवर सिरोसिस होने पर इसके लक्षण शुरूआत में दिखाई नहीं देते। इसके लक्षण तब दिखाई देते हैं जब यह गंभीर रोग काफी बढ़ चूका होता है। लीवर सिरोसिस के लक्षण दिखाई देने का मतलब होता है कि अब लीवर अपने काम करने में सक्षम नहीं है या वह पहले की तुलना में अब बहुत सिमित काम कर पा रहा है।

जैसे-जैसे स्कार ऊतक यानि निशान ऊतक जमा होते रहते हैं और इसकी वजह से जब लीवर ठीक से काम नहीं कर पाता तो ऐसे में निम्नलिखित लक्षण दिखाई देने लग जाते हैं :-

थकान

अनिद्रा

त्वचा में खुजली

भूख में कमी

शरीर के वजन में कमी

जी मिचलाना

उस क्षेत्र में दर्द या कोमलता जहां यकृत स्थित है

लाल या धब्बेदार हथेलियाँ

दुर्बलता

रक्त केशिकाएं पेट के ऊपरी हिस्से की त्वचा पर दिखाई देने लगती हैं।

जैसे-जैसे लीवर सिरोसिस की समस्या बढ़ने लगती है तो उपरोक्त लक्षणों के साथ-साथ निम्नलिखित लक्षण भी दिखाई देने लग जाते हैं :-

त्वरित दिल की धड़कन (rapid heartbeat)

व्यक्तित्व परिवर्तन

उलझन

चक्कर आना

मसूड़ों से खून आना

शरीर और ऊपरी बाहें कमजोर होना

ड्रग्स और अल्कोहल के प्रसंस्करण में कठिनाइयाँ (Difficulties in processing drugs and alcohol)

टखनों, पैरों और तलवों में सूजन आना

बाल झड़ने की समस्या होना

चोट लगने की उच्च संवेदनशीलता

पीलिया होना – इस दौरान रोगी की त्वचा और आँखे पीली पड़ जाती है, साथ ही आंखों और जीभ का रंग भी बदलना शुरू हो जाता है।

सेक्स ड्राइव का नुकसान

याददाश्त की समस्या

पेट के ऊपरी हिस्से में सूजन होना

बार-बार बुखार होना

संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है या कोई गंभीर संक्रमण होना

मांसपेशियों में ऐंठन

नकसीर (नाक से खून आना)

दाहिने कंधे में दर्द

सांस फूलना – यह समस्या बैठे-बैठे भी होती है

मल काला हो जाता है या बहुत पीला हो जाता है

कब्ज की समस्या होना

पेशाब का रंग गहरा होना

खून की उल्टी आना

चलने और चलने में समस्या

पेट में सूजन आना

त्वचा का पतला होना

खुजलीदार त्वचा होना

जब लीवर सिरोसिस होने पर रोगी को उपरोक्त लक्षण दिखाई देने लग जाते हैं तो इसका मतलब है कि अब रोगी की शारीरिक स्थिति काफी बिगड़ चुकी है और उसे जल्द से जल्द उपचार लेने की आवयश्कता है। अगर उपचार जल्दी से नहीं मिला तो रोगी कि जान भी जा सकती है।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
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