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लीवर सिरोसिस कà¥à¤¯à¤¾ है?
अकà¥à¤¸à¤° कहा जाता है कि इनà¥à¤¸à¤¾à¤¨ गलतियों का पà¥à¤¤à¤²à¤¾ होता है, लेकिन शायद अब इस कहावत में बदलाव करने का समय आ चूका है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अब इनà¥à¤¸à¤¾à¤¨ गलतियों के साथ-साथ बीमारियों का à¤à¥€ पà¥à¤¤à¤²à¤¾ बन चूका है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समय में शायद ही à¤à¤¸à¤¾ कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ होगा जो कि पà¥à¤°à¥à¤£à¤¤à¤ƒ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होगा। à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सामानà¥à¤¯ से लेकर अति गंà¤à¥€à¤° तक कई रोग अपनी चपेट में ले सकते हैं, जिनमें तो कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ रोग हैं जिनकी वजह से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को जान का खतरा à¤à¥€ बना रहता है। à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ ही जानलेवा रोग है जिसे हम सà¤à¥€ लीवर सिरोसिस के नाम से जानते हैं। लीवर सिरोसिस à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ रोग है जिसकी वजह से रोगी को जान से à¤à¥€ हाथ धोना पड़ सकता है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि आखिर इस रोग के होने के कारण कà¥à¤¯à¤¾ है और यह इतना खतरनाक कैसे हैं। तो चलिठMedtalks पर लिखे इस लेख के जरिये लीवर सिरोसिस के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं, लेकिन उससे पहले लीवर के बारे में संकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤ में जानते हैं।
लीवर सिरोसिस कà¥à¤¯à¤¾ है?
सरल शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में कहा जाठतो लीवर सिरोसिस लीवर से जà¥à¥œà¥€ à¤à¤• कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• डिजीज है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसे होने में काफी लंबा समय लगता है और इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ लीवर में फैट जमा होने से होती है। जब लीवर में फैट यानि वसा जमा होने लगता है तो उसकी वजह से लीवर डैमेज होना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। फैट की वजह से लीवर को हà¥à¤ इस डैमेज को फैटी लीवर के नाम जाना है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लीवर सामानà¥à¤¯ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ म कड़ा हो जाता है और यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ चलती रहती है।
à¤à¤• बार जब किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को फैटी लीवर की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है तो उसके बाद उसकी लीवर सिरोसिस की यातà¥à¤°à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है, जिसमे तक़रीबन 10 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ का समय लग सकता है। इस दौरान अगर लीवर में कोई चोट लग जाठया सूजन आ जाठतो इसकी वजह से लिवर फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (liver fibrosis) की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है । लिवर फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸, फैटी लिवर का अगला सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ होता है।
लिवर फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ होने के बाद लीवर के टिशà¥à¤¯à¥‚ लीवर में हà¥à¤ˆ खामी को ठीक करना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं। इस दौरान लीवर में निशान ऊतक या सà¥à¤•ार ऊतक (Scar tissue/ ऊतकों पर खरोंच जैसे निशान) बनते हैं। धीरे-धीरे यह सà¥à¤•ार ऊतक सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ ऊतकों को खराब करना या बदलना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं और आंशिक रूप (partially) से लीवर में खून के बहाव को रोक देते हैं। जब लीवर में à¤à¤¸à¤¾ होता है इसकी वजह से लीवर की सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ कोशिकाà¤à¤‚ मरना शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है, जिसकी वजह से लीवर के काम में कमी आने लग जाती है। इस दौरान निशान ऊतक अपना काम जारी रखते हैं।
जब à¤à¤¸à¤¾ लंबे समय तक चलता रहता है तो इसकी वजह से लीवर खराब हो जाता है जिसे लीवर डैमेज या लीवर सिरोसिस के नाम से जाना जाता है। फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ लिवर डैमेज की पहली सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहाठसे लीवर खराब होना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। अगर समय पर फैटी लीवर या फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ लिवर से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पा लिया जाठतो लीवर खराब नहीं होता। अगर à¤à¤¸à¤¾ नहीं किया जाठतो इसकी वजह से रोगी को न केवल गई गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सामना करना पड़ता है बलà¥à¤•ि लिवर टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट (Liver Transplant) à¤à¥€ करवाना पड़ सकता है। इसके अलावा इस गंà¤à¥€à¤° रोग की वजह से रोगी की जान à¤à¥€ जा सकती है।
लीवर सिरोसिस के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ है?
लीवर सिरोसिस होने पर इसके लकà¥à¤·à¤£ शà¥à¤°à¥‚आत में दिखाई नहीं देते। इसके लकà¥à¤·à¤£ तब दिखाई देते हैं जब यह गंà¤à¥€à¤° रोग काफी बॠचूका होता है। लीवर सिरोसिस के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देने का मतलब होता है कि अब लीवर अपने काम करने में सकà¥à¤·à¤® नहीं है या वह पहले की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अब बहà¥à¤¤ सिमित काम कर पा रहा है।
जैसे-जैसे सà¥à¤•ार ऊतक यानि निशान ऊतक जमा होते रहते हैं और इसकी वजह से जब लीवर ठीक से काम नहीं कर पाता तो à¤à¤¸à¥‡ में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देने लग जाते हैं :-
थकान
अनिदà¥à¤°à¤¾
तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€
à¤à¥‚ख में कमी
शरीर के वजन में कमी
जी मिचलाना
उस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में दरà¥à¤¦ या कोमलता जहां यकृत सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है
लाल या धबà¥à¤¬à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हथेलियाà¤
दà¥à¤°à¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾
रकà¥à¤¤ केशिकाà¤à¤‚ पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर दिखाई देने लगती हैं।
जैसे-जैसे लीवर सिरोसिस की समसà¥à¤¯à¤¾ बà¥à¤¨à¥‡ लगती है तो उपरोकà¥à¤¤ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ-साथ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिखाई देने लग जाते हैं :-
तà¥à¤µà¤°à¤¿à¤¤ दिल की धड़कन (rapid heartbeat)
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ परिवरà¥à¤¤à¤¨
उलà¤à¤¨
चकà¥à¤•र आना
मसूड़ों से खून आना
शरीर और ऊपरी बाहें कमजोर होना
डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ और अलà¥à¤•ोहल के पà¥à¤°à¤¸à¤‚सà¥à¤•रण में कठिनाइयाठ(Difficulties in processing drugs and alcohol)
टखनों, पैरों और तलवों में सूजन आना
बाल à¤à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾ होना
चोट लगने की उचà¥à¤š संवेदनशीलता
पीलिया होना – इस दौरान रोगी की तà¥à¤µà¤šà¤¾ और आà¤à¤–े पीली पड़ जाती है, साथ ही आंखों और जीठका रंग à¤à¥€ बदलना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है।
सेकà¥à¤¸ डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µ का नà¥à¤•सान
याददाशà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾
पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ में सूजन होना
बार-बार बà¥à¤–ार होना
संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा बढ़ जाता है या कोई गंà¤à¥€à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£ होना
मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन
नकसीर (नाक से खून आना)
दाहिने कंधे में दरà¥à¤¦
सांस फूलना – यह समसà¥à¤¯à¤¾ बैठे-बैठे à¤à¥€ होती है
मल काला हो जाता है या बहà¥à¤¤ पीला हो जाता है
कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ होना
पेशाब का रंग गहरा होना
खून की उलà¥à¤Ÿà¥€ आना
चलने और चलने में समसà¥à¤¯à¤¾
पेट में सूजन आना
तà¥à¤µà¤šà¤¾ का पतला होना
खà¥à¤œà¤²à¥€à¤¦à¤¾à¤° तà¥à¤µà¤šà¤¾ होना
जब लीवर सिरोसिस होने पर रोगी को उपरोकà¥à¤¤ लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देने लग जाते हैं तो इसका मतलब है कि अब रोगी की शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ काफी बिगड़ चà¥à¤•ी है और उसे जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ उपचार लेने की आवयशà¥à¤•ता है। अगर उपचार जलà¥à¤¦à¥€ से नहीं मिला तो रोगी कि जान à¤à¥€ जा सकती है।
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